Pilgrimage Rejuvenation And Spiritual Heritage Augmentation Drive (PRASAD) तीर्थ यात्रा कायाकल्प एवं अध्यात्मिक संवर्धन मुहीम (प्रसाद)

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Pilgrimage Rejuvenation And Spiritual Heritage Augmentation Drive (PRASAD) तीर्थ यात्रा कायाकल्प एवं अध्यात्मिक संवर्धन मुहीम (प्रसाद)

केंद्र सरकार द्वारा वर्ष 2014- 15 में देश के सांस्कृतिक एवं धार्मिक पर्यटन स्थल के संरंक्षण एवं विकास हेतु तीर्थ यात्रा कायाकल्प एवं अध्यात्मिक संवैधन मिशन की शुरुआत की गई है। यह योजना केन्द्रीय पर्यटन मंत्रालय द्वारा संचालित किया गया है। योजना के तहत देश के प्रमुख धार्मिक तीर्थ स्थलों का बहुमुखी विकास करना है। जिससे देश -विदेश के ज्यादा से ज्यादा पर्यटकों को पर्यटन हेतु आकर्षित किया जा सके। योजना के तहत देश के 25 राज्यों के 41 प्रमुख धार्मिक स्थलो को विकास हेतु चयन किया गया है। आइये जाने योजना की पूरी जानकारी।

 PRASAD Yojana ka Uddeshya  तीर्थ यात्रा कायाकल्प एवं अध्यात्मिक संवर्धन मुहीम का उद्देश्य 

  • योजना का उद्देश्य देश की सांस्कृतिक धरोहर का संरक्षण एवं धार्मिक तीर्थ स्थलों का बहुमुखी विकास करना है।
  • इस मिशन के तहत एतिहासिक एवं सांस्कृतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण धार्मिक स्थलों तक पहुँचने के यायातायत के साधन के अंतर्गत रेलमार्ग, सड़क मार्ग, हवाई यात्रा का विकास करना है।
  • चयनित धामिक स्थलों क्षेत्रीय व्यंजन, हस्तशिल्प कला, स्थानीय कुटीर उद्योग के बाज़ार को विकसित करना है।
  • इन पर्यटन स्थलों में इन्टरनेट एवं वाईफाई, मनी एक्सचेंज, एटीएम आदि की सुविधा का विकास करना शामिल है।
  • सौन्दर्यीकरण के अंतर्गत विद्युतीकरण के स्त्रोत, नदियों में नौका विहार, पार्क का निर्माण, वाहनों की पार्किंग की व्यवस्था आदि का विकास किया जाना है।
  • मंदिरों के धार्मिक एवं एतिहासिक महत्व से पर्यटकों को अवगत कराने के लिए गाइड की व्यवस्था करना।
  • पर्यटकों की सुविधा हेतु फर्स्ट ऐड, स्वच्छ पेयजल, कैफेटेरिया, सुलभ शौचालय, विश्रामालय, वर्षा से बचने के आश्रय आदि की व्यवस्था का विकास करना है।

PRASAD Yojana Mein Chaynit Dharmik Sthal प्रसाद योजना में चयनित धार्मिक स्थल

योजना के तहत चयनित धार्मिक स्थलों में उत्तरांचल राज्य के यमुनोत्री, गंगोत्री तीर्थ स्थल , मध्य प्रदेश राज्य केअमरकंटक तीर्थ स्थल, झारखण्ड राज्य के पारसनाथ, अजमेर, कामख्या, जगन्नाथपुरी, कांचीपुरम, द्वारिका, अमृतसर, केदारनाथ, मथुरा, वाराणसी, गया, वैल्कान्नी, अमरावती आदि  शामिल किये गए हैं।  

PRASAD Yojana Se Labh प्रसाद योजना से लाभ 

  • योजना के सफलतापूर्वक क्रियान्वयन से पर्यटन के जरिये देश की अर्थव्यवस्था को मजबूत किया जा सके।
  • इससे देश में नए रोज़गार के साधन में वृद्धि होगी।
  • देश की हस्तशिल्प कला एवं कुटीर उद्योगों के बाज़ार में विकास होगा।
  • इन्टरनेट कनेक्टिविटी के माध्यम से देश के धार्मिक एवं सांस्कृतिक महत्त्व विश्वस्तर पर प्रचार होगा।

PRASAD Yojana ka kriyanvayan प्रसाद योजना का क्रियान्वयन

  • योजना के संचालन के लिए केंद्र सरकार द्वारा चयनित राज्यों को फंड प्रदान किया जाएगा।
  • इसके अतिरिक्त पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप और कॉर्पोरेट सोशल उत्तरदायित्व के सहयोग से भी कायाकल्प एवं विकास का कार्य किया जाएगा।
  • केन्द्रीय पर्यटन मंत्रालय के तत्वाधान में चयनित धार्मिक स्थलों में विकास के कार्यों की सूचि तैयार की जायेगी।
  • इसके पश्चात योजनाबद्ध तरीके से राज्यों द्वारा परियोजना की डेवलपमेंट प्रोग्रेस रिपोर्ट (DPR) तैयार की जायेगी।
  • डीपीआर पास होने के बाद परियोजना पर काम करने के लिए केंद्र सरकार द्वारा 100% फंडिंग राज्यों को प्रदान की जायेगी।

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