Fasal Avshesh Prabandhan ko Machinery Protsahan Yojana फसल अवशेष प्रबंधन हेतु कृषि मशीनरी प्रोत्साहन योजना

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Fasal Avshesh Prabandhan ko Machinery Protsahan Yojana फसल अवशेष प्रबंधन हेतु कृषि मशीनरी प्रोत्साहन योजना

प्रधानमंत्री मोदी की अध्यक्षता में केन्द्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में मार्च 2018 में फसल अवशेष प्रबंधन हेतु कृषि मशीनरी प्रोत्साहन योजना प्रारंभ की गयी है। इस योजना का उद्देश्य कृषि क्षेत्र में फसलों के अवशेषों को जलाने से पर्यावरण एवं कृषि योग्य भूमि को होने वाले नुक्सान से बचाना है। योजना के तहत पंजाब, हरियाणा,  प्रदेश एवं दिल्ली को शामिल किया गया है। इन राज्यों में फसल अवशेष प्रबंधन हेतु  कृषि मशीनरी प्रोत्साहन के लिए केंद्र सरकार द्वारा  वर्ष 2018 – 19 में रूपए  591.65 करोड़ और वर्ष 2019 – 20 में रूपए  560.15 करोड़ की वित्तीय लक्ष्य निर्धारित की गई है। योजना के तहत गांवों के समूह बनाकर जागरूकता  चलाये जायेगे। इसके साथ हीं फसल अवशेष प्रबंधन हेतु कृषि मशीनरी कस्टम हायरिंग बैंक की स्थापना की जायेगी। आइये जाने योजना की पूरी जानकारी।

Fasal Avshesh Prabandhan ko Machinery Protsahan Yojana ke Mukhya Bindu फसल अवशेष प्रबंधन हेतु कृषि मशीनरी प्रोत्साहन योजना के मुख्य बिंदु 

  • योजना के तहत किसान समूह /पंजीकृत किसान समितियों , स्वयं सहायता समूह / महिला किसान समूह , निजी उद्यमियों , सहकारी समितियों आदि को कस्टम हायरिंग केंद्र अथवा फार्म मशीनरी बैंक की स्थापना के लिए परियोजना की कुल लागत का 80% वित्तीय सहायता सरकार द्वारा प्रदान की जायेगी।
  • किसानों को अपने कृषि क्षेत्र में फसल अवशेष प्रबंधन के लिए मशीनरी एवं उपकरण के क्रय मूल्य की कुल लागत का 50% वित्तीय सहायता प्रदान की जायेगी।
  • योजना के तहत यथा स्थान फसल अवशेष प्रबंधन हेतु संचार, शिक्षा एवं सूचना माध्यमो के जरिये जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किये जायेंगे। इन जागरूकता कार्यक्रमों के संचालन के लिए राज्यों के कृषि विज्ञान केन्द्रों, इंडियन कौंसिल ऑफ़ एग्रीकल्चर रिसर्च (आईसीआर) आदि को केंद्र सरकार द्वारा वित्तीय सहयोग प्रदान किया जाएगा।

Fasal Avshesh Prabandhan ko Machinery Protsahan Yojana ka kriyanvayan फसल अवशेष प्रबंधन हेतु कृषि मशीनरी प्रोत्साहन योजना का क्रियान्वयन

  • इस योजना के क्रियान्वयन हेतु राज्य सरकार के कृषि विभाग नोडल एजेंसी का कार्य करेंगे।
  • राज्य सरकारें जिला कार्यकारी समितियों के माध्यम से कस्टम हायरिंग केंद्र के स्थापना हेतु स्थान एवं लाभार्थियों का चयन करेंगी। इसके अतिरिक्त किसानों को फसल प्रबंधन हेतु उपकरण की उपलब्धता के लिए क्षेत्रीय कृषि के आधार पर उपकरणों की पहचान का कार्य भी करेंगी।
  • योजना के तहत किसानों को सब्सिडी का लाभ उपलब्ध कराने के लिए राज्य नोडल एजेंसी कस्टम हायरिंग केंद्र / फार्म मशीनरी बैंक के अतिरिक्त सहकारी बैंक से गठबंधन भी कर सकती हैं।
  • कृषि सहकारिता विभाग एवं किसान कल्याण विभाग राज्य में फसल अवशेष प्रबंधन के लिए मशनरी और उपकरणों की मूल्यों की सूचि तैयार करेंगी।

Fasal Avshesh Prabandhan ko Machinery Protsahan Yojana ke Labh फसल अवशेष प्रबंधन हेतु कृषि मशीनरी प्रोत्साहन योजना के लाभ 

  • योजना के तहत फसलों के अवशेष को जलाने के बजाय खेत की मिटटी में मिलाने के लिए किसानों को प्रोत्साहित किया जाएगा। जिससे कृषि योग्य भूमि की उर्वरता में वृद्धि होगी।
  • योजना के क्रियान्वयन से पर्यावरण प्रदूषण में कमी आएगी।
  • फसल अवशेषों के यथा स्थान प्रबंधन से कृषि भूमि में जल धारण क्षमता में वृद्धि होगी।
  • फसल अवशेषों के जलाने से हवा द्वारा आग फैलने की समस्या से भी छुटकारा मिलेगी। इसके अतिरिक्त फसल मित्र कीट जो आग के साथ जलकर नष्ट हो जाते थे। जिससे मिटटी की उर्वरा शक्ति कम होने की समस्या बढ़ती जा रही थी, उस पर भी नियंत्रण पाया जा सकेगा।

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