UP Bio Gas Plant Subsidy Scheme यूपी बायोगैस संयंत्र सब्सिडी योजना

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बायोगैस सब्सिडी योजना यूपी PICS

UP Bio Gas Plant Subsidy Scheme यूपी बायोगैस संयंत्र सब्सिडी योजना

उत्तर प्रदेश में पशुधन के अपशिष्ट का उपयोग उर्जा के रूप में करने के लिए सरकार द्वारा बायोगैस संयंत्र सब्सिडी योजना का संचालन किया गया है। प्रदेश में लगभग 4 लाख 80 हज़ार पशुधन है जिनसे लगभग 1200 लाख टन अपशिष्ट पदार्थ का उत्पादन होने का अनुमान है। इन अपशिष्ट पदार्थों का पूर्ण रूप से उपयोग ग्रामीणों द्वारा न किये जाने के कारण मच्छर, कीट, पतंगे आदि उत्पन्न होते हैं। जिससे पर्यावरण प्रदूषण होता है। हालाँकि इन अपशिष्ट पदार्थों का उपयोग ग्रामीणों द्वारा खाना बनाने के लिए प्रयोग किया जाता है। इसके बावजूद भी गोबर का एक बड़ा भाग व्यर्थ होता है। पशुधन के अपशिष्ट का बायोगैस संयंत्र के रूप में प्रयोग करने पर उर्जा के साथ हीं जैविक खाद्य का भी उत्पादन होता है। जो फसलों के उत्पादन के लिए सर्वोत्तम खाद्य का काम करती है। यूपी बायोगैस सब्सिडी योजना का लाभ प्रदेश के किसान, डेयरी संस्था , पोल्ट्री फार्म संचालक आदि उठा सकते हैं। आइये जाने योजना की पूरी जानकारी।

Raw Material For Bio Gas Plant   बायोगैस संयंत्र के लिए आवश्यक कच्चा माल

पाँच सदस्यों वाले परिवार के दो समय के भोजन बनाने एवं 4-5 घंटे तक एक लैंप जलाने की व्यवस्था हेतु दो क्यूबिक मीटर बायोगैस संयंत्र लगाने के लिए कम से कम 50 किलोग्राम/प्रतिदिन गोबर की आवश्यकता होती है। जिसमें गोबर जानवरों के गोबर के अतिरिक्त मल , मुर्गियों की बीट एवं फसलों के अवशेष (कचरे) आदि को भी प्रयोग किया जाता है।

UP Bio Gas Plant Subsidy ke Liye Patrta  यूपी बायोगैस संयंत्र सब्सिडी योजना के लिए पात्रता

  • इस सब्सिडी योजना का लाभ लेने के लिए उत्तर प्रदेश का निवासी होना अनिवार्य होगा।
  • आवेदक के पास 5 से अधिक मवेशी या प्रतिदिन कम से कम 50 किलोग्राम गोबर के हिसाब से वार्षिक 18.25 टन गोबर की व्यवस्था होनी चाहिए।
  • 13 फीट की डोम के साथ हीं 25 फीट अतिरिक्त जगह होनी चाहिए। ताकि बायोगैस संयंत्र स्थापित करने के बाद उससे निकलने वाली बायोगैस स्लरी को रखने की व्यवस्था हो सके।
  • गौशाला या डेयरी संस्था इस योजना का लाभ उठाने की पात्रता रखती हैं।
  • प्रदेश के पोल्ट्री फार्म संचालक भी योजना के लाभ के लिए आवेदन कर सकते हैं।

UP Bio Gas Plant Subsidy Amount  यूपी बायोगैस संयंत्र सब्सिडी की राशि 

  • योजना के तहत अक्षय उर्जा मंत्रालय द्वारा स्वीकृत नक़्शे के अनुसार बायोगैस संयंत्र स्थापित करने पर अक्षय उर्जा मंत्रालय द्वारा अनुदान की राशि प्रदान की जाती है।
  • 5 मवेशियों से प्राप्त होने वाले लगभग 50 किलोग्राम/प्रतिदिन  गोबर की खपत से 2 क्यूबिक मीटर क्षमता वाले बायोगैस संयत्र स्थापित किया जा सकता है। इस संयत्र को स्थापित करने में रूपए 22 हज़ार की लागत  आती है। जिसमें से राज्य सरकार द्वारा सामान्य जाति के लाभार्थियों को रूपए 9 हज़ार एवं अनुसूचित जाति के आवेदकों को रूपए 11 हज़ार सब्सिडी प्रदान की जाती है।
  • 2 घन मीटर क्षमता के बायोगैस संयंत्र से जनरेटर चलाने पर 5 व्यक्तियों के परिवार का दोनों वक्त का भोजन एवं लगभग 5 घंटे एक लैंप जलाया जा सकता है। इसके अतिरिक्त वार्षिक 6टन जैविक खाद्य प्राप्त किया जा सकता है।
  • वहीं 150 पशुओं से  प्राप्त गोबर से 85 क्यूबिक मीटर क्षमता वाले बायोगैस  संयत्र की स्थापना की जा सकती है। जिससे 10 किलोवाट क्षमता की बायोगैस जनरेटर चलाया जा सकता है। जिससे प्रतिदिन 100 यूनिट विद्युत उर्जा के साथ हीं 267 टन जैविक खाद्य की प्राप्ति होती है।
  • इसके लिए सरकार द्वारा पहले चरण में  रूपए 40,000 एवं दूसरे चरण में रूपए 30,000  सब्सिडी की राशि प्रदान की जाती है।

UP Bio Gas Plant Subsidy Scheme Aavedan  यूपी बायोगैस संयंत्र सब्सिडी योजना में आवेदन 

  •  आवेदको को  यूपीनेडा (उत्तर प्रदेश न्यू एंड रिन्यूएबल एनर्जी डेवलपमेंट एजेंसी) के कार्यालय से संपर्क करना होगा।
  • योजना की शर्त पूरी करने पर यूपीनेडा विभाग के अधिकारी द्वारा स्थान का निरिक्षण किया जाता है। इसके बाद विभाग द्वारा बायोगैस संयत्र लगाने हेतु अनुदान की स्वीकृति प्रदान की जाती है।
  • योजना के तहत सब्सिडी की राशि आवेदक को प्राप्त होती है ।

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