Changes in Uttar Pradesh Agriculture Market Act उत्तर प्रदेश कृषि मंडी एक्ट में बदलाव

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Changes in Uttar Pradesh Agriculture Market Act उत्तर प्रदेश कृषि मंडी एक्ट में बदलाव

कोरोना महामारी के कारण लॉक डाउन जारी रहने से किसानों की आर्थिक स्थिति प्रभावित हुई है। इसके मद्देनजर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा कृषि मंडी एक्ट में बदलाव किया गया है। उत्तर प्रदेश कृषि मंडी के बदले हुए अधिनियम को 6 मई 2020 से लागू कर दिया गया है। गौरतलब है कि कोरोना संकटकाल में जारि लॉक डाउन के नियमों का पालन एवं मंडी में भीड़ एकत्रित होने से संक्रमण के खतरे से बचाव हेतु नियमों में बदलाव किया गया है।

उत्तर प्रदेश कृषि मंडी के बदले हुए नियम के तहत अब किसानो को 53 फल एवं सब्जियों में से 46 फल व सब्जियों पर मंडी टैक्स नहीं देना होगा। केवल 7 फल व सब्जियों पर हीं मंडी टैक्स लागू होगी। किन्तु मंडी सेवा शुल्क सभी फल एवं सब्जियों पर मंडी से विक्रय करने की दशा में लागू होगी। आइये जाने कृषि मंडी अधिनियम में बदलाव की जानकारी।

Uttar Pradesh Krishi Mandi Act change ka uddeshya  उत्तर प्रदेश कृषि मंडी एक्ट में बदलाव का उद्देश्य 

  • मंडी में भीड़ एकत्रित होने से कोरोना संक्रमण का खतरा हो सकता है। संक्रमण से बचाव एवं देश में जारी लॉकडाउन के नियमों को ध्यान में रखते हुए मुख्यमंत्री द्वारा ये कदम उठाया गया है।
  • कोरोना संक्रमण के खतरे के कारण लोग घर से बाहर निकलने में परहेज कर रहें हैं। लोग अपने घर के आस -पास से हीं फल एवं सब्जी खरीदने पर जोर दे रहें हैं। ऐसे में जल्दी खराब होने वाले फल एवं सब्जियों की खपत को बढ़ावा देने के लिए भी मुख्यमंत्री द्वारा नियमों में बदलाव किया गया है। नए नियम के अनुसार किसानो को कृषि मंडी में हीं फल एवं सब्जी बेचने की बाध्यता को समाप्त कर दिया गया है।

Uttar Pradesh Krishi Mandi New Rules उत्तर प्रदेश कृषि मंडी एक्ट के नए नियम 

  • कृषि मंडी एक्ट में बदलाव किये गए नियम के अनुसार कुल 53 फल एवं सब्जियों में से 46 फल एवं सब्जियों पर मंडी टैक्स नहीं देना होगा। कृषि मंडी टैक्स मुक्त फल एवं सब्जियों में “आम, सेब, हरी मटर, शकरकन्द, चीकू, लीची, आँवला, कुन्दरू, नाशपाती, जिमीकन्द, टिण्डा, बेर, माल्टा, आड़ू, हरी लोबिया, पका कटहल, चकोतरा, लोकाट, खुबानी, ब्रोकली, सिंघाड़ा अंगूर,खीरा, कद्दू, लौकी, गाजर, अरवी, अमरूद, मूली, पेठे वाला कद्दू, भिण्डी, परवल, कच्चा कटहल,केला, अनार, पत्ता गोभी-फूल गोभी,मौसमी, अंगूर, पपीता, तरबूज, संतरा, बैगन, , करेला, किन्नू और खरबूजा” शामिल हैं।
  • किसानों को केवल 7 प्रकार फल एवं सब्जियों पर मंडी टैक्स देना होगा। कृषि मंडी टैक्स “टमाटर, नीबू, लहसून, अदरक,आलू ,प्याज, हरी मिर्च” पर हीं लागू होगी।
  • इसके अतिरिक्त अब किसानों को सरकार द्वारा अनुमोदित मंडी में फल एवं सब्जियों को बेचने की बाध्यता नहीं होगी। जिन फल एवं सब्जियों पर कृषि मंडी टैक्स लागू है, उन पर टैक्स तभी देना होगा, जबकि कृषि मंडी से क्रय -विक्रय की प्रक्रिया की जायेगी।
  • किसानों को कृषि मंडी से क्रय -विक्रय करने पर सभी प्रकार के फल एवं सब्जियों पर सेवा शुल्क देना होगा।
  • अब किसान मंडी के अतिरिक्त अपने कृषि फार्म से सीधे या मंडी से बाहर किसी भी व्यापारी को मनचाही कीमत पर फल एवं सब्जी बेच सकेंगे। सरकार के इस फैसले से किसान की आय में वृद्धि होगी।

नोट : योजना की जानकारी का स्त्रोत समाचार पत्र है।

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