What is Start-up India? Provisions made for start-ups in budget 2021-22 स्टार्ट-अप इंडिया क्या है? बजट 2021-22 में स्टार्ट- अप के लिए किये गए प्रावधान

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स्टार्ट -अप pics

 

 

What is Start-up India? Provisions made for start-ups in budget 2021-22 स्टार्ट-अप इंडिया क्या है? बजट 2021-22 में स्टार्ट- अप के लिए किये गए प्रावधान

प्रधानमंत्री मोदी द्वारा 16 जनवरी 2016 को स्टार्ट अप योजना की शुरुआत की गयी थी। इस योजना का उद्देश्य देश में व्यापार को बढ़ावा देने के लिए युवाओं को उद्यमशीलता से जोड़ना है। स्टार्ट अप योजना के माध्यम से व्यापार के क्षेत्र में नए आइडियाज को बढ़ावा देने के लिए सरल एवं सुगम व्यापारिक परिवेश का निर्माण करना है। ताकि ज्यादा -ज्यादा नागरिक अपना व्यापार शुरू करने के लिए प्रोत्साहित हो सकें।

सरकार की इस पहल से देश में स्टार्ट अप कल्चर की शुरुआत हुई है। आज भारत  स्टार्ट अप संस्कृति में उभरता हुआ देश बन गया है। स्टार्ट ब्लिंक द्वारा स्टार्ट अप ग्लोबल इकोसिस्टम इंडेक्स 2021 की रिपोर्ट में भारत को दुनिया के अग्रणी 100 देशों में 20वाँ स्थान दिया गया है। रिपोर्ट के अनुसार भारत को स्टार्ट अप कल्चर को बढ़ावा देने के लिए पारिस्थितिकी तंत्र को मजबूत और इन्टरनेट की गति जैसी बुनियादी ढाँचे को बेहतर बनाने की आवश्यकता है।

इसके अतिरिक्त वैश्विक महामारी की वजह से भी देश में स्टार्ट अप कम्पनियों की प्रगति रुक सी गयी थी। जिसे फिर से शुरू करने के लिए केन्द्रीय बजट 2021-22 में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमन द्वारा कई महत्वपूर्ण कदम उठाने की घोषणा की गयी है। आइये जाने स्टार्ट अप इंडिया से सम्बंधित जानकारी।

What is Start-up India ? स्टार्ट-अप इंडिया क्या है?

स्टार्ट अप इंडिया से अभिप्राय-  “व्यापार के क्षेत्र में नए विचारों और तकनिकी के इस्तेमाल से उद्यम की शुरुआत करना है। ऐसा व्यापार जो देश को डिजिटल इंडिया की राह पर अग्रसर करने में सहायक हो, उसके विस्तार एवं विकास हेतु परियोयिना, उत्पादों का व्यवसायीकरण, तकनिकी के माध्यम से संचालन करने की दिशा में सरकार द्वारा सहयोग प्रदान किया जाता है।”

देश में स्टार्ट अप कंपनीज की संख्या बढ़ाने के लिए सरकार द्वारा स्टार्ट अप इंडिया योजना के मापदंड निर्धारित किये गए हैं। जो इस प्रकार हैं –

  • स्टार्ट अप इंडिया योजना के तहत ऐसी कंपनियों को लाभ प्राप्त होगा, जिनका पंजीकरण पाँच वर्षों से पहले नहीं हुआ हो।
  • कंपनी का पंजीकरण भारत में हुआ हो।
  • कंपनी का पिछले  वित्तीय वर्ष का वार्षिक कारोबार रु 25 करोड़ से अधिक नहीं हुआ हो।
  • कंपनियां नई  तकनिक के विकास और अनुसन्धान की दिशा में कार्यरत हों।

Steps taken for Start-ups in Budget 2021-22  बजट 2021-22 में स्टार्ट- अप के लिए उठाये गए कदम 

केन्द्रीय वाणिज्य मंत्रालय के डिपार्टमेंट फॉर प्रमोशन ऑफ़ इंडस्ट्रीज एंड इंटरनल ट्रेड (DPIIT) के सेक्रेटरी के अनुसार वित्तीय वर्ष 2021-22 के बजट में स्टार्ट अप इंडिया योजना के तहत कई महतवपूर्ण कदम उठाने की घोषणा की गयी है। सरकार की इस पहल से देश में स्टार्ट अप संस्कृति के विकास को बढ़ावा मिलेगा।

सरकार द्वारा स्टार्ट अप के लिए टैक्स हॉलिडे, क्रेडिट गारंटी फंड स्कीम, सीड फंड स्कीम जैसे महत्वपूर्ण कदम उठाये गए हैं जो इस प्रकार हैं –

  • टैक्स सम्बन्धी छूट

इनकम टैक्स अधिनियम की धारा 80 -आईएसी के तहत वर्ष 2016 के स्टार्ट अप नियम के अनुसार कोई भी कम्पनी 10 वर्षों से कार्यरत होने पर तीन वर्षों के कार्यकाल के मुनाफे और लाभ पर आयकर  छूट ले सकती है। इस लाभ को प्राप्त करने के लिए स्टार्ट अप कंपनी का गठन वर्ष 2016 से 2021 के बीच होना आवश्यक है। इस सुविधा को बढ़ाकर अब 31 मार्च 2022तक कर दिया गया है। इसी प्रकार धारा 54 -जीबी के तहत लम्बी अवधि तक सम्पतियों पर मिलने वाले कैपिटल गेन पर टैक्स छूट को बढ़ाकर 31 मार्च 2022 कर दिया गया है।

  • वन पर्सन कंपनियों (OPC) के लिए नियम 

एक व्यक्ति वाली स्टार्ट अप कंपनियों को बढ़ावा देने के लिए कंपनी निगमन नियम में संशोधन किया जाएगा। ओपीसी स्टार्ट अप कंपनी के लिए चुकता पूंजी और वार्षिक टर्नओवर की बाध्यता को हटा दिया जाएगा।

अनिवासी भारतियों को भी भारत में स्टार्ट अप इंडिया योजना के तहत ओपीसी कंपनी खोलने की अनुमति होगी।

भारत के निवासी होने की मान्यता प्राप्त होने के लिए अनिवासी भारतियों के भारत में 182 दिनों के निवास की अनिवार्यता को घटाकर 120 दिन कर दिया गया है। जिससे भारत के निवासी होने की मान्यता जल्दी मिल जाने के कारण भारत में स्टार्ट अप शुरू करने में मदद मिल सकेगी।

  • स्टार्ट अप इंडिया सीड फंड योजना 

स्टार्ट अप को शुरू करने में पूँजी की बाधा को समाप्त करने के लिए केंद्र सरकार द्वारा सीड फंड योजना की शुरुआत की जायेगी। योजना के तहत उत्पाद  परिक्षण, व्यवसायीकरण के प्रमाण  और  बाज़ार में प्रवेश के लिए स्टार्ट अप्स को वित्तीय सहायता प्रदान की जायेगी। ये नियम वर्ष 2021 -22 से 4 वर्षों के लिए लागू होगी।

  • क्रेडिट गारेंटी फंड स्कीम 

स्टार्ट अप कंपनिज के लिए क्रेडिट गारेंटी फंड स्कीम लागू की जायेगी। इस योजना के तहत कर्ज सम्बन्धी आवश्यकताओं के लिए निर्धारित सीमा तक कर्ज पर गारेंटी प्रदान की जायेगी। इसके लिए गैर बैंकिंग वित्तीय कंपनी और बैंकों से 10 करोड़ रु तक के कर्ज की गारेंटी मिलेगी। इस योजना का लाभ  डिपार्टमेंट फॉर प्रमोशन ऑफ़ इंडस्ट्रीज एंड इंटरनल ट्रेड (DPIIT) से स्टार्ट अप कंपनी का मान्यता प्राप्त होना आवश्यक होगा।

योजना की जानाकरी के स्त्रोत के लिए लिंक पर क्लिक करें।

अधिक जानकारी के लिए विडियो देखिये For more information watch video below:

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