मध्य प्रदेश सरकार की कृषि यंत्रीकरण को प्रोत्साहन की योजना। MP Sarkar ki Krishi Yantrikaran ko Protsahan ki Yojana

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मध्य प्रदेश सरकार की कृषि यंत्रीकरण को प्रोत्साहन की योजना। MP Sarkar ki Krishi Yantrikaran ko Protsahan ki Yojana

मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान द्वारा राज्य में कृषि के विकास को नयी दिशा देने तथा कृषकों के खेती में नयी तकनिकी के प्रयोग एवं आधुनिक यंत्रो द्वारा कम लागत में कृषि उत्पदकता में और किसानों की आय में वृद्धी  करने हेतु अनेक योजनाओं का सफलता पूर्वक संचालन किया गया है।

इसी क्रम में आर्थिक रूप से समर्थ किसानो को नयी उन्नत किस्म की कृषि यंत्र सरकारी अनुदान (सब्सिडी) पर उपलब्ध करवाने तथा लघु एवं सीमांत किसानों को सरकारी कस्टम हायरिंग केंद्र के माध्यम से न्यूनतम किराये पर आवशयकता अनुसार समय-सीमा की अवधि हेतु उपलब्ध कराने के लिए कृषि यंत्रीकरण को प्रोत्साहन की योजना का प्रारंभ वर्ष 2012-13 में किया गया था।

कृषि यंत्रीकरण को प्रोत्साहन की योजना का उद्देश्य (Krishi Yantrikaran ko Protsahn ki yojana):

इस योजना का उद्देश्य किसानो को कम लागत व श्रम में तकनिकी कृषि यंत्रो द्वारा खेती करने को प्रोत्साहन करना है।राज्य सरकार द्वारा किसानो को नयी कृषि यंत्रों के उपयोग करने से खेती में लाभ की जानकारी से अवगत कराने के लिए यंत्रों के प्रदर्शन का आयोजन किया जाता है। ताकि कृषक नयी कृषि यंत्रो के द्वारा खेती करने को प्रोत्साहित हों।

इस योजना के अंतर्गत किसानों को कृषि यंत्रों के क्रय पर अनुदान (सब्सिडी) सरकार द्वारा दिया जाता है। आर्थिक रूप से कमजोर किसानों को न्यूनतम किराये पर आवश्यकता अनुसार सिमित समय के लिए उपलब्ध करने के लिए राज्य सरकार द्वारा कस्टम हायरिंग केंद्र की स्थापना किया गया है।

कृषि यंत्रीकरण को प्रोत्साहन की योजना का क्रियान्वयन (Implementation of Krishi Yantrikaran ko Protsahan ki Yojana):

इस योजना का क्रियान्वयन निम्नलिखित दो उपयोजनाओं के माध्यम से किया जायेगा :

उपयोजना -1 : कृषको द्वारा चिन्हित शक्ति चलित कृषि यंत्रों के क्रय पर विशेष अनुदान 

उपयोजना -2 : कस्टम हायरिंग केन्द्रों की स्थापना हेतु सहायता 

  1. निजी क्षेत्र में कस्टम हायरिंग केंद्र के स्थापना के लिए सहायता
  2. प्राथमिक सहकारी समितियों को कस्टम हायरिंग केन्द्रों की स्थापना के लिए सहायता

उपयोजना -1: किसानो द्वारा चुने गए शक्ति चलित कृषि यंत्रो के क्रय पर विशेष अनुदान (सब्सिडी )

कृषि यंत्र के क्रय पर अनुदान हेतु किसानों की पात्रता:

  • जिनके पास अपना निजी ट्रेक्टर होगा
  • रिज- फरो अटैचमेंट के क्रय पर अनुदान के लिए वही कृषक पात्र होंगे जिनके पास पहले से सीड/ ड्रील कम फर्टिलाइजर ड्रील होगा

किसानो द्वारा चुने गए विभिन्न कृषि यंत्रो पर चिन्हित टॉप अप / विशेष अनुदान की राशि निम्नलिखित है

क्रम संख्या  चिन्हित कृषि क्रियाएं चयनित कृषि यंत्र अनुदान का प्रकार अनुदान की सीमा
        1 सोयाबीन की बुवाई के लिए रिज-फरो यंत्र के उपयोग को प्रोत्साहन रिज -फरो अटैचमेन्ट

(उन कृषकों के लिए जिनके पास पहले से सीड ड्रील / सीड कम फर्टिलाइजर ड्रील हो)

विशेष अनुदान कीमत का 50% अधिकतम रूपए 2500
        2 धान कटाई के बाद गेहूं की समय पर बुवाई जीरोटिल सीड कम फर्टिलाइजर ड्रील टॉपअप अनुदान कीमत का 25% अधिकतम रूपए 10000
·         3 फसलों की कातार में बुवाई सीड कम फर्टिलाइजर ड्रील टॉपअप अनुदान कीमत का 25% अधिकतम रूपए 10000
·         4 फसलों की एरोबीक खेती रेज्ड बेड प्लान्टर टॉपअप अनुदान कीमत का 25% अधिकतम रूपए 20000
·         5 गहरी जुताई कार्य रिवार्सिवल प्लाऊ, एम. बी. प्लाऊ, डिस्क प्लाऊ टॉपअप अनुदान कीमत का 25% अधिकतम रूपए 10000
·         6 फसल कटाई कार्य रीपर कम बाइंडर   टॉपअप अनुदान कीमत का 25% अधिकतम रूपए 50000
·         7 नरवाई से भूंसा प्राप्त करना स्ट्रा रीपर टॉपअप अनुदान कीमत का 25% अधिकतम रूपए 5000
·         8 सघन कीट नियंत्रण   एयरो ब्लास्ट स्प्रयेर टॉपअप अनुदान कीमत का 25% अधिकतम रूपए 25­­­­000

 

उपयोजना -2 : कस्टम हायरिंग केन्द्रों की स्थापना 

इस उपयोजना के अंतर्गत मध्य प्रदेश राज्य की कोई भी निजी संस्था अथवा व्यक्ति या प्राथमीक सहकारी कृषि संस्थाएं राज्य के कृषकों को किराये पर ट्रेक्टर एवं कृषि यंत्र उपलब्ध कराने कस्टम हायरिंग केंद्र स्थापित करना चाहती हैं। उन्हें एस योजना के तहत तकनिकी उन्नत कृषि यंत्र खरीदने हेतु सरकार द्वारा क्रेडिट लिंक्ड बैक एंडेड सब्सिडी यानि (बैंक द्वारा ऋण की राशि एक साथ न देकर किश्तों में दी जाएगी प्रोजेत के कार्य समाप्त होने के अंतर पर) योजना के अंतर्गत उपलब्ध करायी जायेगी।

 कस्टम हायरिंग केंद्र की स्थापना हेतु आवेदन की पात्रता :

  • इस योजना के तहत कस्टम हायरिंग केंद्र की स्थापना हेतु व्यक्ति की आयु 40 वर्ष से अधिक नहीं होनी चाहिए।
  • आवेदक को 12 वीं कक्षा पास होना अनिवार्य है ।
  • कृषि अभ्यान्त्रिकी अथवा कृषि से संबधित डिग्री वाले युवकों को प्राथमिकता दी जाएगी।
  • अनुदान का लाभ बैंक ऋण पर हीं दिया जायेगा।
  • निजी क्षेत्र में कस्टम हायरिंग केंद्र की स्थपना हेतु बैंक ऋण किसी राष्ट्रीयकृत बैंक अथवा राज्य के जिला सहकारी बैंक से हीं लेना अनिवार्य होगा।
  •  मध्य प्रदेश का स्थायी निवासी होना अनिवार्य होगा।
  • प्राथमिक कृषि सहकारी संस्था को कस्टम हायरिंग केंद्र स्थापना हेतु ऋण जिला सहकारी केन्द्रीय बैंक से ऋण लेना अनिवार्य होगा।

कस्टम हायरिंग केंद्र की स्थापना हेतु शर्तें :

  • एस योजना के अंतर्गत 35 से 55 हॉर्सपावर के ट्रेक्टर का क्रय किया जा सकता है।
  • एस योजना के तहत क्रय किये गए ट्रेक्टर एवं कृषि यंत्र द्वारा राज्य के किसानों को न्यूनतम 10 वर्षों तक सेवा प्रदान करना अनिवार्य होगा।
  • कस्टम हायरिंग केंद्र हेतु लिए गए ऋण का बैंक को पूरा चूका देने के बाद भी 10 वर्ष की अवधी तक किसानो को सेवा देना अनिवार्य है।इसके लिए ऋण के आवेदन करते वक्त लाभार्थी को शपत पत्र समिति को देना होगा।
  • बैंक द्वारा स्वीकृत ऋण लाभार्थी को अधिकतम 9 वर्ष की अवधि के अंदर चुकाना अनिवार्य होगा।
  • निर्धारित अवधि में लाभार्थी द्वारा ऋण न चुकाने पर अनुदान का लाभ नहीं दिया जायेगा।
  • लाभार्थी द्वारा लिए गए ऋण पर किश्त 6 महीने के बाद से बैंक द्वारा  शुरू किया जायेगा।
  • इस योजना के तहत लिया गए बैंक ऋण पूर्ण रूप से  4 वर्ष की अवधि के पहले नहीं चुकाया जा सकेगा। यदि लाभार्थी 4 वर्ष से पहले बैंक  ऋण चुकता है तो उसे अनुदान का लाभ नहीं मिलेगा।
  • कस्टम हायरिंग केंद्र के स्थापना हेतु बैंक ऋण पर अनुदान राशि केवल मशीनों/ यंत्रों के लागत के आधार पर प्रदान की जाएगी।
  • एस योजना के तहत कस्टम हायरिंग केंद्र की स्थापना एक ग्राम में तथा एक परिवार से केवल एक हीं केंद्र स्थापित करने का प्रावधान है। अतः इस योजना में आवेदन से पहले गाँव में  कस्टम हायरिंग केंद्र की सूचि देखना आवश्यक है।
  • इस योजना के तहत कस्टम हायरिंग केंद्र की स्थापना करने पर योजना द्वारा निर्धारित शर्तों के अनुसार निम्नलिखित न्यूनतम मशीनरी केंद्र में रखना अनिवार्य होगा :
  1. एक ट्रेक्टर
  2. एक प्लाऊ
  3. एक रोटावेटर
  4. एक कल्टीवेटर अथवा डिस्क हेरो
  5. एक सीड कम फर्टिलाइजर ड्रिल
  6. एक ट्रेक्टर चलित थ्रेशर

कस्टम हायरिंग केंद्र को दी जाने वाली मार्जिन राशि एवं अनुदान की सहायता राशि निम्नलिखित है :

क्र. सं

प्रोजेक्ट लागत

मार्जिन मनी

अनुदान पात्रता

1

रूपए 10 लाख तक

प्रोजेक्ट लागत का 15 प्रतिशत

लागत का 50 प्रतिशत अधिकतम 5 लाख

2

रूपए 10 लाख से अधिक एवं रूपए 18 लाख तक

प्रोजेक्ट लागत का 20 प्रतिशत

लागत का 50 प्रतिशत अधिकतम रूपए 9 लाख

3

रूपए 18 लाख से अधिक एवं रूपए 25 लाख तक

प्रोजेक्ट लागत का 25 प्रतिशत

अधिकतम रूपए 10 लाख

 

आवेदन प्रक्रिया (Application Process):

इस योजना के तहत कस्टम हायरिंग केंद्र की स्थपना हेतु मध्य प्रदेश राज्य के कृषि अभियन्त्रिकी विभाग द्वारा ऑनलाइन आवेदन आमंत्रित किया जाता है। योजना के निर्धरित नियमो के अनुसार प्रदेश के एक जिले के लिए एक से अधिक आवेदन प्रस्तुत होता है, तो आवेदन स्वीकार करने का निर्णय लाटरी के आधार पर किया जाता है। जिन आवेदकों का आवेदन स्वीकार नहीं होता है उनका ड्राफ्ट वापस कर दिया जाता है।

  • आवेदन करने हेतु एम पी ऑनलाइन पोर्टल के वेबसाइट पर जाने के लिए क्लिक करिये MP Online 
  • इस पेज का फोटो देखिये नीचे :

mp ऑनलाइन image

  • इस पेज पर दिए विकल्प आवेदन पर क्लिक करना है। इसके बाद एक पेज खुल कर आ जायेगा फोटो देखिये नीचे :

अप्लाई इमेज

  • इस पेज पर एप्लीकेशन पर क्लिक कर के आप आवेदन कर सकते है। नोट: इस योजना के आवेदन के वर्ष  2017-18 के फॉर्म भरने की अवधि समाप्त हो जाने  के कारण No Application available लिखा हुआ है।
  • आपको एप्लीकेशन फॉर्म में मांगी गयी जानकारी भरने के साथ सिक्यूरिटी डिपाजिट के तौर पर सामान्य जाती वर्ग के आवेदक को रूपए 5000/- का डिमांड ड्राफ्ट कृषि अभियांत्रिकी विभाग जबलपुर के नाम से बनवा कर ऑनलाइन आवेदन फॉर्म के साथ ड्राफ्ट का स्कैन कापी अपलोड करना होगा।
  • अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति के आवेदकों को रूपए 2000/- का डिमांड ड्राफ्ट की स्कैन कापी ऑनलाइन आवेदन फॉर्म के साथ अपलोड करना होगा।
  • इस योजना से सम्बंधित आवेदन स्वीकृति की जानकारी देखने के लिए  कृषि अभियांत्रिकी संचालानलय की वेबसाइट से प्राप्त कर सकते हैं
  • मध्य प्रदेश के जिन गाँवो में कस्टम हायरिंग केंद्र है उनकी सूचि देखने के लिए  क्लिक करिए गाँवो की सूचि  

मध्य प्रदेश की एनी योजनाओं की जानकारी पढ़िए हिंदी में :

 

 

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