New Rules for Porting Mobile Number मोबाइल नंबर पोर्ट कराने के नए नियम

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New Rules for Porting Mobile Number मोबाइल नंबर पोर्ट कराने के नए नियम

देश में 16 दिसम्बर 2019 से तीन नए नियम लागू हुए हैं। इन नियमों को जानना सभी नागरिकों के लिए आवश्यक है। इनमें वाहनों पर फ़ास्ट टैग, नेशनल इलेक्ट्रॉनिक फण्ड ट्रान्सफर (NEFT) के नए नियम और मोबाइल नंबर पोर्ट करवाने  के नए नियम शामिल हैं। नए नियम के अनुसार भारतीय रिज़र्व बैंक ऑफ़ इंडिया (RBI) द्वारा देश के सभी बैंकों में 24 घंटे एनईएफटी और आरटीजीएस के माध्यम से फण्ड ट्रान्सफर की सुविधा शुरू करने का निर्देश जारी किया गया है। ये सुविधा देश के बड़े बैंकों जैसे आईसीआईसीआई बैंक, एसबीआई,एचडीएफसी आदि में पहल से थी। इन बैंकों में एक बैंक से दूसरे बैंक में फण्ड ट्रान्सफर निशुल्क है। किन्तु अब नए नियम के अनुसार देश के किसी भी बैंक में नेशनल इलेक्ट्रॉनिक फण्ड ट्रान्सफर (NEFT) और रियल टाइम ग्रोस सेटलमेंट (RTGS) के माध्यम से फण्ड ट्रान्सफर चार्जेज नहीं लगेंगे। दूसरे नए नियम टोल प्लाजा से वाहन गुजरने के लिए टैक्स पेमेंट के लिए फ़ास्ट टैग वाहन पर लगा होना आवश्यक कर दिया गया है। तीसरे नए नियम के अनुसार मोबाइल नंबर पोर्ट करवाने से सम्बंधित नए नियम टेलिकॉम रेगुलेटरी अथॉरिटी ऑफ़ इंडिया (TRAI) द्वारा जारी किया गया है। आइये जाने मोबाइल नंबर पोर्ट करवाने के नए नियम की जानकारी।

Mobile Number Port Rules मोबाइल नंबर पोर्ट करवाने के नियम   

  • अब मोबाइल नंबर पोर्ट कराने के लिए टेलिकॉम कंपनी से यूनिक पोर्टिंग कोड जेनेरेट करवाना होगा।
  •  पोस्टपेड सर्विस का उपयोग करने वाले ग्राहकों को मोबाइल नंबर किसी अन्य नेटवर्क पर पोर्ट करवाने के लिए अपना पिछले बिल को पूरा भुगतान करना आवश्यक होगा।
  • एक मोबाइल नेटवर्क से दूसरे मोबाइल नेटवर्क में नंबर पोर्ट करवाने के लिए वर्तमान में प्रयोग कर रहे टेलिकॉम कंपनी के साथ 90 दिन तक जुड़े रहना आवश्यक होगा। यानि तीन महीने तक एक टेलिकॉम कंपनी के नेटवर्क का प्रयोग करने के बाद हीं मोबाइल नंबर दूसरे नेटवर्क में पोर्ट करवाया जा सकेगा।
  • इसके अतिरिक्त नए टेलिकॉम कंपनी के सारे नियम एवं शर्तों को पूरा करने पर हीं नंबर पोर्ट हो सकेगा।
  • यूपीसी कोड (unique porting code) चार दिनों तक एक्टिव रहेगा। किन्तु उत्तर -पूर्वी क्षेत्र, जम्मू कश्मीर और असम के ग्राहकों के लिए कोड एक्टिव रहने की अवधि 30 दिन तक होगी।

  Mobile Number Porting Process मोबाइल नंबर पोर्ट करवाने का तरीका 

  • मोबाइल नंबर पोर्ट करवाने के लिए यूपीसी कोड जेनेरेट करवाना होगा।
  • कोड जेनेरेट करवाने के लिए मोबाइल के मेसेज बॉक्स में  Port लिख कर स्पेस देना है फिर दस अंकों का मोबाइल नंबर लिखना होगा। फिर 1900 पर मेसेज भेजना होगा।
  • इसके मोबाइल नंबर पर मेसेज के जरिये यूपीसी कोड प्राप्त हो जाएगा। ये कोड उत्तर -पूर्वी क्षेत्र के ग्राहकों के लिए 30 दिन तक मान्य रहेगा बाकी क्षेत्र के नागरिकों के लिए यूपीसी कोड 4 दिन तक मान्य रहेगा।
  • अब आपको जिस टेलिकॉम कंपनी के नेटवर्क का प्रयोग करना है, उस टेलिकॉम कंपनी के कस्टमर केयर सर्विस सेण्टर पर यूपीसी कोड के साथ जाना होगा।
  • फिर कंपनी द्वारा आपको कस्टमर अग्रीमेंट फॉर्म (CAF) और मोबाइल नंबर पोर्टिंग फॉर्म भरने के साथ हीं आधार कार्ड /वोटर आईडी कार्ड /राशन कार्ड में से कोई एक डाक्यूमेंट्स की फोटोकॉपी लगाना होगा।
  • इसके बाद नंबर पोर्टिंग चार्ज रु 6.46 जमा करना होगा।
  • आब आपको नया सिम मिल जाएगा। इसके साथ हीं मोबाइल नंबर पर एसएमएस  प्राप्त होगा। जिसमें मोबाइल नंबर पोर्ट होने का समय और दिन लिखा होगा।

अधिक जानकारी के लिए विडियो देखिये For more information watch video below:

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