Cyber Insurance Policy साइबर बीमा पालिसी

Cyber Insurance Policy,साइबर बीमा पालिसी क्या है, Cyber Fraud ke Prakar, Cyber Fraud Covered In Insurance Policy, बीमा पालिसी में कवर किये जाने वाले साइबर फ्रॉड

Cyber-crime-insurance PICS

Cyber Insurance Policy साइबर बीमा पालिसी

आजकल पैसों की लेन -देन से सम्बंधित ज्यादातर कार्य ऑनलाइन किये जाते हैं। हमारे दैनिक उपयोग की वस्तुओं की खरीदारी से लेकर मोबाइल रिचार्ज ,डीटीएच रिचार्ज एवं एक बैंक से दूसरे बैंक में पैसों को ट्रान्सफर करना, टिकेट बुक करना जैसे सभी कार्य इन्टरनेट के माध्यम से किये जाने लगे हैं। इन कार्यों को हम अपने पर्सनल लैपटॉप एवं मोबाइल से करने के अतिरिक्त ऑफिस के कंप्यूटर या परिवार या मित्रों के लैपटॉप या मोबाइल से भी करते हैं। जिसके कारण हमारी ईमेल आईडी, बैंक का नाम फ़ोन नंबर आदि पर्सनल जानकारी को हैकर्स द्वारा हैक करने की जोखिम की सम्भावना बढ़ जाती है। इसके अतिरिक्त साइबर फ्रॉड से बचने की जानकारी सिमित होने के कारण हम साइबर क्राइम के शिकार हो सकते हैं। देश में साइबर क्राइम मामलों के बढ़ते दर को देखते हुए बीमा कंपनियों द्वारा अब आम नागरिको के लिए भी साइबर बीमा पालिसी जारि किया जाने लगा है। इस प्रकार की दो बीमा पालिसी एचडीएफसी एग्रो एवं बजाज आलियांज  द्वारा जारि की गयीं हैं। तो आइये जाने साइबर बीमा पालिसी की जानकारी।

Cyber Insurance Policy kya Hai साइबर बीमा पालिसी क्या है 

  • साइबर बीमा पालिसी पालिसीधारक को अनेक प्रकार की साइबर क्राइम की जोखिम से सुरक्षा प्रदान करती है।
  • पालिसी के द्वारा इन्टरनेट से जुड़े सभी प्रकार के गैजेट से हुए फ्रॉड के नुक्सान को कवर किया जाता है।
  • इस तरह की दो बीमा पालिसी पेश की गयी है। जिनके नाम एचडीएफसी एग्रो की साइबर सिक्यूरिटी पालिसी और बजाज आलियांज की इंडिविजुअल साइबर सेफ बीमा पालिसी है।
  • पालिसीधारक द्वारा बीमा पालिसी के अंतर्गत निर्धारित नियम एवं शर्तों के आधार बीमा के लिए दावा प्रस्तुत किया जा सकेगा।

Cyber Fraud ke Prakar  साइबर फ्रॉड के प्रकार

साइबर फ्रॉड मुख्यतः दो तरीकों से किये जाते हैं :

  • फिशिंग  (Phishing): इस प्रकार के फ्रॉड में आपके ईमेल आईडी या मोबाइल नंबर पर किसी सरकारी संस्था या बैंक के असली ईमेल आईडी से मिलते-जुलते फेक ईमेल आईडी से मेसेज भेजा जाता है। मेसेज भेजने का उद्देश्य आपके  डेबिट कार्ड ,क्रेडिट कार्ड के नंबर, आपकी नेट बैंकिंग यूजर आईडी, पासवर्ड, आपकी जन्म तिथि आदि की जानकारी हासिल करना होता है।
  • ईमेल स्पूफिंग : इस प्रकार के फ्रॉड में आपके ईमेल आईडी पर किसी फेक ईमेल आईडी या मोबाइल नंबर से मेसेज भेजा जाता है। जिसमें किसी शौपिंग वेबसाइट या सोशल मीडिया साइट के द्वारा आपके नाम पर बम्पर प्राइज जीतने का दावा किया जाता है। या आपके क्रेडिट कार्ड को लॉक कर दिया गया है। इस प्रकार के मेसेज में प्राइज को अपना बनाने या क्रेडिट  कार्ड को चालू करने के लिए लिंक पर क्लीक करने को कहा जाता है। आपके द्वारा ऐसा करने पर आपके लैपटॉप या मोबाइल पर मैलवेयर एप डाउनलोड हो जाती है। जिसके फलस्वरूप हैकर्स के पास आपके डिवाइस का रिमोट एक्सेस हो जाता है।

Cyber Fraud Covered In Insurance Policy   बीमा पालिसी में कवर किये जाने वाले साइबर फ्रॉड 

  •  फिशिंग और ईमेल स्पूफिंग के माध्यम से होने वाले सभी प्रकार केसाइबर फ्रॉड बीमा पालिसी के अंतर्गत कवर किये जाते हैं।
  • पर्सनल आइडेंटिफिकेशन की चोरी के बाद हुए नुकसान एवं  दोष साबित करने में आने वाला खर्च।
  •  ई-वॉलेट, डेबिट कार्ड, क्रेडिट कार्ड से ऑनलाइन मनी ट्रान्सफर करने में हुए धोखे।
  • मैलवेयर से  कंप्यूटर के प्रोग्राम को पहुँचे नुकसान के कारण प्रोग्राम को दोबारा इनस्टॉल करने में आने वाला खर्च।
  • निजी सूचनाओं के सार्वजनिक होने पर प्रतिष्ठा को पहुँचने वाले नुक्सान
  • न्यायालय में केस दर्ज करने पर आने वाले खर्च।
  • आईटी प्रोफेशनल से परामर्श पर आने वाले खर्च।
  • एक हीं समय पर साइबर धोखाधड़ी के कई शिकायत होने पर किसी एक मामले के लिए हीं बीमा क्लेम किया जा सकेगा। हालाँकि साइबर बीमा में फ्रॉड के क्लेम की सीमा तय नहीं होती है। किन्तु एक समय में एक हीं फ्रॉड के लिए बीमा का क्लेम किया जा सकेगा।
  • साइबर फ्रॉड के शिकार होने के 6 महीने के बाद किये गए बीमा क्लेम को स्वीकार नहीं किया जाएगा।

अन्य योजनायें पढ़िए हिंदी में :

हिमाचल प्रदेश की गुड़िया योजना 

प्रधानमंत्री किसान पेंशन योजना 2019

हिमाचल प्रदेश महिला स्वरोजगार सहायता योजना

 

 

Leave a Reply