रिवाइटलाइज इंफ्रास्ट्रक्चर एंड सिस्टम इन एजुकेशन योजना । Revitalising Infrastructure And Systems In Education Yojana

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रिवाइटलाइज इंफ्रास्ट्रक्चर एंड सिस्टम इन एजुकेशन योजना । Revitalising Infrastructure And Systems In Education Yojana

केंद्र की वर्तमान सरकार द्वारा वर्ष 2018-19 के बजट में देश के उच्च शिक्षण संस्थानों जैसे- आइआइटी, आइआइएम, एनआईटी के संरचना को बेहतर बनाने के लिए RISE (रिवाइटलाइजिंग इफ्रास्ट्रक्चर एंड सिस्टम इन एजुकेशन) योजना का एलान किया गया है। इस योजना के संचालन हेतु रूपए 1 लाख करोड़ का निवेश अगले चार वर्षों में करने का लक्ष्य रखा गया है।

इस योजना के अंतर्गत 23 आईआईटी, 6 नए आईआईएम, केन्द्रीय युनिवेर्सिटी तथा एनआईटी के इफ्रास्ट्रक्चर को बेहतर बनाने हेतु हायर एजुकेशन फंडिंग एजेंसी के तहत निधिकरण (फंडिंग) की योजना बनाई गयी है।

 RISE योजना का उद्देश्य (RISE Yojana ka uddeshy):

सरकार द्वारा उच्च शिक्षण संस्थानों के गुणवत्ता एवं संरचना को बेहतर बनाने के लिए तथा देश के छात्रों को विश्वस्तरीय शिक्षण तकनीक उपलब्ध कराने के उद्देश्य से RISE योजना की घोषणा की गयी है। इस योजना के तहत देश के उच्च शिक्षण संस्थान IITs, IIMs, NITs, IISERs एवं सेट्रल युनिवेर्सिटी के बुनियादी संरचना में सुधार हेतु HEFA (हायर एजुकेशन फंडिंग एजेंसी) के तहत वित्त उपलब्ध करने की परियोजना बनाई गयी है।

इसके अतिरिक्त इस योजना के तहत गुजरात के शहर वड़ोदरा में रेलवे युनिवर्सिटी बनाई जाएगी। देश में 17 नए आईआईटी तथा  एनआईटी और स्कूल आफ प्लानिंग और आर्किटेक्ट के लिए दो संस्थान खोले जाने का एलान किया गया है।

सरकारी स्कूलों प्री नर्सरी से कक्षा 12 वीं तक के शिक्षा के गुणवत्ता को बेहतर करने के लिए स्कूलों में डिजिटल बोर्ड लगाई जाएगी। तथा 13 लाख अनट्रेंड शिक्षकों को ट्रेनिंग देने की व्यवस्था की जाएगी। इसके लिए शिक्षकों के लिए इंटिग्रेटेड बीएड प्रोग्राम के द्वारा ट्रेनिंग दिए जाने की घोषणा सरकार द्वारा 2018-19 के बजट में  रिवाइटलाइजिंग इफरास्ट्रक्चर एंड सिस्टम इन एजुकेशन (RISE) योजना के तहत किया गया है।

रिवाइटलाइजिंग इफ्रास्ट्रक्चर एंड सिस्टम इन एजुकेशन योजना (RISE Yojana) के तहत ऋण का वितरण निम्नलिखित है:

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हायर एजुकेशन फंडिंग एजेंसी क्या है (HEFA kya hai) :

HEFA एक सरकारी नॉन प्रॉफिट एजेंसी है। इस एजेंसी का निर्माण 2016-17 में कंपनी एक्ट के तहत किया गया था। यह एक नॉन बैंकिंग फाइनेंस कंपनी है। जिसकी फंडिंग कंपनी सोशल रिस्पोंसेबिलिटी (CSR) और सरकार द्वारा किया जाता है।

हायर एजुकेशन फंडिंग एजेंसी की स्थापना सरकारी शिक्षण संस्थानों के फंडिंग हेतु किया गया है। RISE योजना के तहत सरकारी उच्च शैक्षिक संस्थानों के बुनियादी संरचना को बेहतर बनाने के लिए वित्त उपलब्ध कराने की व्यवस्था हायर एजुकेशन फंडिंग एजेंसी द्वारा किया जायेगा। इस एजेंसी द्वारा सभी केंद्रीय शिक्षण संस्थानों को 10 वर्ष की अवधि के लिए लोन उपलब्ध कराये जाने का प्रावधान है।

HEFA के तहत लोन की प्रक्रिया (HEFA ke tht Loan ki prakriya):

हायर एजुकेशन फंडिंग एजेंसी के तहत RISE योजना को  वित्त प्रदान किये जाने का मकसद निर्धारित समय पर कार्य पूरा करने एवं ज्यादा फण्ड उपलब्ध करना है। रिवाइटलाइजिंग इफ्रास्ट्रक्चर एंड सिस्टम इन एजुकेशन योजना के लिए 1 लाख करोड़ की वित्त प्रदान करने हेतु HEFA को 10 हजार करोड़ रूपए की आवश्यकता होगी।  जिसमें से केंद्र सरकार द्वारा रूपए 8500 करोड़ और कैनरा बैंक रूपए 1500 करोड़ दिया जायेगा। ज्ञात हो कि केंद्र सरकार और कैनरा बैंक के सम्मिलित सहयोग से HEFA का गठन किया गया है।

 योजना के तहत संस्थानों के ऋण वापस करने की प्रक्रिया ( Yojana ke anusaar Rin chukane ki prakriya):

  • वर्ष 2014 से संचालित  युनिवर्सिटी को ऋण  मिले ऋण के मूलधन का 10% युनिवेर्सिटी को चुकाना होगा। जबकि 90% मूलधन एवं ब्याज केंद्र सरकार चुकाएगी।
  • वर्ष 2008 – 2014 के बीच जो भी तकनिकी विश्वविद्यालय कार्यरूप में आये हैं उन्हें प्राप्त ऋण के मूलधन का 25% स्वयं चुकाना होगा। जबकि केंद्र सरकार ऋण का 75% मूलधन और ब्याज चुकाएगी।
  • 10 वर्ष से अधिक पुराने आईआईटी तथा आईआईएम को प्रप्त किये गए ऋण का मूलधन स्वयं चुकाना होगा। जबकि केंद्र सरकार केवल ब्याज चुकाएगी।

योजना का लक्ष्य (Yojana ka Lakshy):

  • रिवाइटलाइजिंग इफ्रास्ट्रक्चर एंड सिस्टम इन एजुकेशन योजना के तहत सभी संस्थानों के बुनियादी संरचना के विकास का कार्य वर्ष 2022 तक पूर्ण किये जाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
  • इस योजना का लाभ प्राप्त करने वाले सभी संस्थानों को HEFA को ऋण 10 वर्ष के अंदर चूका देना अनिवार्य होगा।

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