MP – kisano ko 100 din ki majduri dene ki yojana म.प्र. के किसानों को 100 दिन की मजदूरी देने की योजना

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किसानो को 100 दिन की मजदूरी देने की योजना IMAGE

मध्य प्रदेश की सरकार किसानों को एक निश्चित आमदनी प्रदान करने की दिशा में महात्मा गाँधी नेशनल रूरल एम्प्लॉयमेंट गारेंटी एक्ट  (MGNREGA) के तहत आर्थिक रूप से कमजोर किसानो को भी शामिल करके किसानों को 100 दिन की मजदूरी देने की योजना को अमली जामा पहनाने की दिशा में कार्यरत है। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान द्वारा इस योजना की रूपरेखा तैयार करके केंद्र सरकार के पास भेज दी गयी है। इस योजना के लागू होने से मध्य प्रदेश के लगभग 78 लाख किसानो को लाभ पहुँचेगा

इस योजना का शुभारम्भ मध्य प्रदेश के हरदा जिले से किये जाने की संभावना है। दरअसल मध्य प्रदेश एक कृषि प्रधान राज्य है। वहाँ की 70% आबादी कृषि पर आधारित है। अत: प्रदेश की खुशहाली एवं तरक्की खेती पर निर्भर है। वहीं किसानों को भुखमरी एवं दैनिक खर्च के लिए जाने वाले कर्ज के बोझ से राहत पहुंचाने के लिए , उनको एक निश्चित आमदनी का जरिया प्रदान करने की योजना बनाना, किसानो की समस्या का एक सर्वोत्तम विकल्प है। आइये जाने किसानों के हित की इस योजना की रूपरेखा अब तक की जानकारी।

म.प्र. के किसानों को सौ दिन की मजदूरी देने की योजना क्या है  (MP – kisano ko 100 din ki majduri dene ki yojana kya hai) :

इस योजना के तहत किसानो को स्वयं के खेत में काम करने पर 100 दिन की मजदूरी देने प्रावधान किया गया है। यानि योजना की अब तक की जानकारी के अनुसार किसानों के बैंक खाते में वर्ष के प्रत्येक तीन महीने की मजदूरी उनके बैंक खाते में हस्तांरित कर दी जायेगी। इसके अतिरिक्त इस योजना के अंतर्गत किसानों को खाद्य संस्करण इकाई स्थापित करने, खेती सम्बन्धी गतिविधियों में आने वाले खर्चे एवं गौ पालन की मजदूरी में आने वाले खर्च  में भी आर्थिक सहायता  प्रदान करने का निर्धारण इस योजना में किया गया है।

म.प्र. के किसानो को सौ दिन की मजदूरी देने की योजना के लाभ (MP – Kisano ko 100 din ki majduri dene ki Yojana ke labh) :

  • इस योजना में खेतिहर मजदूर, पट्टे पर काम करने वाले मजदूर, आर्थिक रूप से कमजोर किसान एवं खुद अपने खेत में मजदूरी करने वाले किसानों को योजना के अनुसार निर्धारित 100 दिन की मजदूरी उनके बैंक खाते में प्रदेश सरकार द्वारा ट्रान्सफर कर दिए जाने का प्रावधान किया गया है।
  • किसानों को खेती सम्बन्धी गतिविधियों में आने वाले खर्च जैसे – प्राकृतिक आपदा से नष्ट होने वाले फसल को हटाने में लगने वाली मजदूरी का खर्च भी योजना के तहत प्रदान किये जाने का प्रावधान किया गया है।
  • गाय पालने वाले किसानो को गाय के चारे की उपज एवं गौ पालन में लगने वाली मजदूरी का खर्च भी प्रदान किया जाएगा। जिससे गाय को पालने के आर्थिक बोझ से किसानो को राहत मिल सके।
  • किसानो को खाद्य संस्करण इकाई स्थापित करने के लिए आर्थिक सहायता प्रदान की ये जाने का प्रावधान किया गया है।
  • किसानो के पास अनाज के भंडारण की व्यवस्था न होने के कारण अनाज के नष्ट होने की वजह से भारी आर्थिक नुक्सान का सामना करना पड़ता है। इस समस्या के मद्देनजर किसानो को भण्डारगृह  स्थापित करने के लिए आर्थिक सहायता प्रदान किये जाने का प्रावधान योजना के तहत किया जाएगा।
  • इस योजना के लागू होने से आर्थिक रूप से कमजोर किसानो के जीवन स्तर में सुधार होगा तथा किसानो के भुखमरी एवं खेती से सम्बंधित ज्यादातर समस्याओं पर काबू पाया जा सकेगा।

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