मुख्यमंत्री भावान्तर भुगतान योजना की पूरी जानकारी हिंदी में ( Full Detail Of Mukhymantri Bhavantar Bhugtan Scheme)

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केंद्र सरकार द्वारा किसानों को उनके कृषि उत्पादों का उचित मूल्य दिलाने तथा बाजार में आनाज के विक्रय दरों को लगत मूल्य से नीचे गिरने से रोकने के लिए, न्यूनतम समर्थन मूल्य की घोषणा जाती है। सरकार द्वारा तय किया गया न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पुरे देश में एक जैसा होता है। जिससे किसानों को उनके कृषि उत्त्पादों का उचित परिश्रमिक मिल जाता है।

हमारे देश में 26 कृषि उत्पादों पर सरकार द्वारा न्यूनतम समर्थन मूल्य घोषित किया जाता है। इनमें 7 प्रकार की आनाज, 5 प्रकार की दलहन,8 प्रकार की तिलहन के अतिरिक्त छिले नारियल, जूट, कपास और तम्बाकू शामिल है।

इसी क्रम में  जिन फसलों पर न्यूनतम समर्थन मूल्य नहीं तय किया जाता है, उनमें से 8 फसलों – सोयाबीन, मूंगफली, तील, रमतील, मक्का, मूंग, अरहर एवं उड़द पर भी एमएसपी तय करने की दिशा में, मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान द्वारा, किसानों के हित को ध्यान में रखते हुए, मध्य प्रदेश के लिए मुक्यमंत्री भावान्तर भुगतान योजना की शुरुआत वर्ष 2017 में किया गया है।

इस योजना का उद्देश्य मुक्यमंत्री द्वारा मध्य प्रदेश के किसानों को उनके कृषि उत्पादों का उचित मूल्य दिलाने तथा दलहन और तिलहन के फसलों के उपार्जन हेतु प्रोत्साहित करना है। इस योजना के अंतर्गत दलहन और तिलहन की 8 फसलों- 1. सोयाबीन, 2. मूंगफली, 3. तील, 4. रमतील, 5. मक्का, 6. मूंग, 7. अरहर, 8. उड़द को शामिल किया गया है

  • मुख्यमंत्री भावान्तर भुगतान योजना की विशेषताएं (Features Of Mukhymantri Bhavantar Bhugtan Scheme) :

  1. भावान्तर भुगतान योजना के अनुसार यदि कृषि उत्पाद की बिक्री मूल्य अधिसूचित मूल्य से अधिक है, लेकिन एमएसपी (न्यूनतम समर्थन मूल्य) से कम है, तो उनके बिक्री मूल्य और एमएसपी के बीच का अंतर किसान के बैंक खाते में जमा कर दिया जाएगा।
  2. यदि किसान की बिक्री मूल्य अधिसूचित मूल्य से कम है, तो किसान को सूचित मूल्य और एमएसपी के बीच अंतर की राशि भुगतान कर दी जाएगी।
  3. आधिकारिक सूचना के अनुसार मध्य प्रदेश में दलहन और तिलहन के उत्पादों की खेती करने वाले 6.5 लाख किसान हैं, जो इस योजना के अंतर्गत पंजीकरण कर लाभान्वित होंगे।
  4. इसके अतिरिक्त मध्य प्रदेश की सरकार का लक्ष्य 2018 में मुख्यमंत्री भावान्तर भुगतान योजना के अंतर्गत बागवानी फसलों को भी शामिल करने का है।
  5. इस योजना के सफलतापूर्वक क्रियान्वयन हेतु किसानों के लिए मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री द्वारा गिरदावरी मोबइल एप्लीकेशन (Mobile App) की शुरुआत की गयी है। इस एपलीकेशन के माध्यम से इस योजना के तहत पंजीकृत किसानों को योजना और फसल से सम्बंधित सभी जानकारी घर बैठे प्राप्त हो जायेगी। इसमें पंजीकृत किसानो के भूमि तथा चयनित फसल सम्बन्धी जानकारी भी होगी।

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  • मुख्यमंत्री भावान्तर भुगतान योजना के लिए पात्रता (Eligibility Criteria Of Mukhymantri Bhavantar Bhugtan Scheme) :

  1. आवेदक मध्य प्रदेश का निवासी होना चाहिए।
  2. आवेदक मध्य प्रदेश में दलहन और तिलहन के फसलों की खेती करने वाला किसान होना चाहिए।
  3. आवेदनकर्ता किसान होना चाहिए।
  • इस योजना के लाभ हेतु पंजीकरण की अवधि (Registration Period Of This Scheme):

  1. मुख्यमंत्री भावान्तर भुगतान योजना के अंतर्गत निशुल्क पंजीयन 11 सितम्बर 2017 से 11 अक्टूबर 2017 के मध्य करवाना तय किया गया था।
  2. मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने हाल हीं में हुए एक संयुक्त बैठक में प्याज को भी भावान्तर भुगतान योजना में शामिल करने का फैसला किया है। अब यह अनुमान लगाया जा रहा है कि इस योजना के लाभ के हेतु पंजीकरण 1 फरवरी 2018 से शुरू किया जा सकता है।
  • इस योजना में पंजीकरण हेतु आवश्यक दस्तावेज (Document Required For Registration) :

  1. भूमि पंजीकरण दस्तावेज और ऋण पासबुक, सिक्क्मी / पट्टा भूमि के मामले में भूमि के मालिक की ऋण पासबुक तथा प्राधिकरण का पत्र।
  2. आधार नम्बर या आधार पंजीकरण की रसीद।
  3. बैंक पासबुक के प्रथम पृष्ट की प्रतिलिपि (फोटोकापी) जहाँ खता संख्या तथा नाम लिखा रहता है।
  4. बैंक खता किसी भी राष्ट्र्कृत बैंक या सहकारी बैंक की शाखा में होना चाहिए।
  • मुख्यमंत्री भावान्तर भुगतान योजना के पंजीकरण की प्रक्रिया (Registration Process for Mukhymantri Bhavantar Bhugtan Scheme):

इस योजना के लिए पंजीकरण की विधि निम्नलिखित है :

  1. आवेदक इस योजना में आवेदन हेतु पंजीकरण फॉर्म आप मध्य प्रदेश के किसी भी जिला के पंचायत कार्यालय, जिला कार्यालय या ब्लाक कार्यालय से प्राप्त कर सकते हैं।
  2. इस फॉर्म में मांगी गयी आवश्यक जानकारी जैसे नाम, पता, आधार कार्ड नंबर, आयु, भूमि का विवरण, फसल का विवरण आदि भरने के बाद अपनी फोटो लगनी होगी।
  3. आपको अपने बैंक खाता से सम्बंधित सभी जानकारी जैसे आई एफएससी कोड, बैंक खाता संख्या, बैंक शाखा संख्या आदि भरना होगा।
  4. आपका बैंक खाता किसी भी राष्ट्रीकृत बैंक या सहकारी बैंक का होना चाहिए तथा आपके आधार कार्ड नंबर जुड़ा होना चाहिए।
  5. पंजीकरण फॉर्म भरकर आपको मध्य प्रदेश राज्य के अंदर ई-उपार्जन केंद्र या मंडी केंद्र में जमा करना होगा।
  6. इस योजना का पंजीकरण  फॉर्म आप इन्टरनेट के माध्यम से मुख्यमंत्री ई-उपार्जन के वेबसाइट से डाउनलोड करके प्राप्त कर सकते हैं। पंजीकरण फॉर्म डाउनलोड करें 

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  1. Sunildas lachchhakhedi March 8, 2019

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